1871 का पेरिस कम्यून : जब मजदूर वर्ग ने पहली बार सत्ता संभाली

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-12-27 22:38.
पेरिस कम्यून के दौरान मोमार्ट पर तोपखाना

घटना 140 वर्ष पहले की है जब फ्रांस के पूंजीपति वर्ग ने करीब 20,00 मजदूरों का कत्ले आम कर सर्वहारा के प्रथम क्रांतिकारी अनुभव को मिटा दिया। पेरिस कम्यून पहला अवसर था जब मजदूर वर्ग इतनी बडी ताकत से इतिहास के मंच पर प्रकट हुआ। पहली बार, मजदूरों ने यह दिखा दिया कि वे पूंजीवाद की राज्य मशीनरी को तहस-नहस करने में सक्षम हैं और इस प्रकार उसने साबित किया कि समाज में वही एकमात्र क्रान्तिकारी वर्ग है। .....

चीन में प्रतिरोधों का सरकारी दमन से सामना

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-12-27 22:29.
चीन में मजदूरों द्वारा प्रदर्शन

जेंग्चेंग का सिंतंग क्षेत्र, जो चीन के दक्षिणी गुअंग्जौ प्रान्त में है, 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए 26 करोड़ जोड़े जींस का वार्षिक उत्पादन करता है, यह चीन के जींस उत्पादन का 60% और दुनिया के उत्पादन का एक तिहाई है। विश्व की जींस की राजधानी के रूप विख्यात यह पिछले ३० वर्षों के चीनी आर्थिक विकास का प्रतीक है। जून 2011 के माह में, एक 20 वर्षीय गर्भवती के साथ पुलिस के सलूक के खिलाफ हजारों मजदूरों द्वारा गुस्साए प्रदर्शन और पुलिस के साथ मुठभेडें हुईं....

वर्गों संघर्ष के दौरान हस्तक्षेप कैसे करें ?

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-12-27 22:25.

यहाँ हम उन साथियों के बीच हुई वार्ता को प्रकाशित कर रहे हैं जो अमेरिका में वेरीजोन के हड़ताली मजदूरों के बीच हस्तक्षेप में लगे हुए थे, जिनमें से कुछ आईसीसी के जुझारु थे और कुछ हमदर्द....

30 जून: यह समय संघर्षो को अपने नियंत्रण में लेने का है!

Submitted by Communist Inter... on Thu, 2011-06-30 01:51.

शिक्षा, नागरिक सेवा, स्थानीय परिषदों के लगभग दस लाख कर्मचारी 30 जून को हड़तालपर जाने की तैयारी क्यों कर रहे हैं ?
उसी कारण से जिस के लिए पिछली शरद ऋतु में अनेक व्यवसायों के पाँच लाख श्रमिकों ने 26 मार्च, 2011 को लंदन की सड़कों पर मार्च किया। और उसी कारण से जिस के लिए दसियों हजार विश्वविद्यालय और स्कूली छात्रों ने प्रदर्शनों, बहिष्कार और अधिग्रहण के समूचे आंदोलनो में भाग लिया....

लीबिया: पूँजीवादी गुटीय झगडों द्वारा दफन एक जन विद्रोह

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-04-05 23:40.

लगता है लीबिया में जो आंदोलन दमन के खिलाफ आबादी के हिस्सों की हताश प्रतिक्रिया के रूप में शुरू हुआ था, उसे लीबिया में तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शासक वर्ग ने तेजी से अपने हितों के लिए इस्तेमाल कर लिया है। एक आंदोलन जो युवा लोगों के नरसंहार को रोकने के प्रचण्ड प्रयास के रूप में शुरू हुआ था, युवाओं के एक अन्य नरसंहार में समाप्त हो रहा है, अब “आज़ाद लीबिया” के नाम पर।

यूपी के रोड ट्रांसपोर्ट मज़दूर फिर युनियनों द्वारा पराजित

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-02-15 01:52.
5 फरवरी 2008 को लखनऊ में अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे यूपी रोड ट्रांसपोर्ट के 8000 मज़दूरों पर पुलिस की फायरिंग तथा लाठीचार

भारत भर में रोड ट्रांसपोर्ट मज़दूर बुरी तरह से शोषित हैं। चाहे ड्राईवर हों या कंडक्टर या वर्कशाप मज़दूर, सभी का हाल एक ही है। बहुत कम तनखाहें, काम के लंबे और अनाप-शनाप घंटे और कठोर स्थितियाँ, अधिकारी तबके का निरंतर दबाब और दमन। रोज़ की जिन्दगी की यही दिनचर्या है। यह हर जगह के लिए सच है। फिर चाहे राज्यों के रोड ट्रांसपोर्ट निगमों के मज़दूर हों। चाहे राजधानी के, जहां शासक वर्ग अपनी शान की नुमायश खातिर कामंनवेल्थ खेलों जैसे तमाशों पर पैसे खरच करने में कोइ कम नहीं छोडता, डीटीसी मज़दूर हों...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस- कम्युनिस्ट समाज से ही महिलाओं के उत्पीड़न का अंत संभव

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-02-08 01:56.
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8 मार्च को फिर एक बार सभी नारीवादी समूहों ने अलग-अलग वाम धड़ों के रूप (खासतौर पर समाजवादी पार्टी) में हाज़िर परविर्तनवादी टुटपुँजिया गुटों के अशीर्वाद से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। एक बार फिर इस दिन को, जो महिला मजदूरों के संघर्ष को अभिव्यक्त करता है, पथभ्रष्ट करके उसे एक विशाल प्रजातांत्रिक और सुधारवादी छलकपट और धोखोधड़ी में बदल दिया जाएगा। जिस तरह बुर्जुआजी ने मजदूर दिवस (1 मई) का पूरी तरह से कायाकल्प करते हुए उसे राजकीय पूँजीवाद की संस्था की शक्ल दे डाली है।

कड़की की नीतियों का जवाब - वर्ग संघर्ष

Submitted by Communist Inter... on Sun, 2011-01-23 20:36.
कड़की की औषधि का जवाब - वर्ग संघर्ष

इस वक्त ग्रीस में भारी जनाक्रोश भड़क रहा है और वहाँ के सामाजिक हालात विस्फोटक हैं। ग्रीस का शासक वर्ग वर्किंग क्लास पर खूब कहर बरपा कर रही है। हर पीढी, हर क्षेत्र व हर वर्ग पर इसकी भारी बुरी मार पड रही है। निजी क्षेत्र के मजदूर, सरकारी मजदूर, बेरोजगार, पेंशनभोगी, अस्थाई-ठेके पर काम करने वाले छात्र... किसी को भी इसने नहीं बक्शा है....

दक्षिण कोरिया के शासक वर्ग ने ‘प्रजातन्त्र’ का नकाब उतारा

Submitted by Communist Inter... on Tue, 2011-01-18 21:23.

हमें कोरिया से अभी-अभी खबर मिली है कि कोरिया की सोस्लिस्ट वर्कर्स लीग (Sanoryun) के 8 जुझारू दक्षिण कोरिया के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’1 के तहत गिरफ्तार कर लिए गए हैं ऒर ऊन्हे 27 जनवरी को सजा सुनाई जानी है।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह एक राजनीतिक मुकद्दमा है, ऒर यह, शासक वर्ग जिसे ‘न्याय’ कहता है, उसका एक मजाक है। इस हकीकत के तीन सबूत हैं:

यूनियन नियंत्रण से बाहर संघर्ष की कोशिश

Submitted by Communist Inter... on Sat, 2011-01-15 14:45.

हाल ही के कार्रवाई दिवस पर हममें से हजारों ने मुजाहिरे व हडतालें की। सरकार फिर भी पीछे नहीं हटी। एक जनआंदोलन ही उसे पीछे हटने को मज़बूर कर सकता है। यह सोच उभरी हैं अनिश्चितकालीन, आम, पुननिरीक्षित होती हडतालों तथा अर्थव्यवस्था को ठप्प करने के मुद्दे पर विचार विमर्श के बाद....