आईसीसी की मदद कैसे करें

मानवजाति के रूबरू स्थिति की संगीनता अधिकाधिक साफ दिखाई दे रही है। खुले आर्थिक संक़ट से निपटने के चार दशक के प्रयासों के बाद, विश्व पूँजीवादी अर्थव्यवस्था हमारी नज़रों के सामने ढह रही है। पर्यावरण  के विनाश द्वारा पेश परिदृश्य हर नए वैज्ञानिक सर्वे के बाद और भी निराशाजनक नज़र आ रहे हैं। जंग, भुखमरी, दमन तथा भृष्टाचार लाखों लोगों का रोज़मर्रा का जीवन है।

इसके साथ ही, मज़दूर वर्ग तथा समाज की दूसरी उत्पीडित परतें पूँजीवाद की बलिदान तथा कड़की की मांगों का विरोध करने लगी हैं । उत्तर अफरीका से यूरोप तथा उत्तर व दक्षिण अमेरिका तक अनेक देशों में सामाजिक विद्रोह, अक्युपेशन, प्रदर्शन तथा हडताल आंदोलन फूट पडे हैं।

इन सभी विरोधाभासों और टकरावों का विकास एक ऐसे क्रांतिकारी संगठन की सक्रिय उपस्थिति की मांग करता है जो तेज़ी से विकसित हो रही स्थिति का विश्लेषण कर सके, जो सरहदों तथा महाद्वीपों के पार एक एकीकृत स्वर मे बोल सके, जो शोषितों के आंदोलनों में सीधे शामिल हो सके और उनके तरीकों तथा लक्ष्यों को स्पष्ट करने में मदद कर सके।

इस तथ्य को छिपाया नहीं जा सकता कि आईसीसी की शक्तियाँ हमारे समक्ष भारी जिम्मेदारियों की तुलना में बहुत सीमित हैं। हम एक नई पीढ़ी का विश्वव्यापी उभार देख रहे हैं जो व्यवस्था के संकट के क्रांतिकारी जवाब खोज रही है। पर यह जरूरी है कि हमारे संगठन के व्यापक उद्देश्यों से हमदर्दी रखने वाले आईसीसी के साथ जुडें और कार्य करने तथा फैलने की उसकी क्षमता मे अपना योगदान दें।  

हम यहाँ केवल हमारे संगठन में शामिल होने की बात नहीं करे रहे, यद्यपि हम इस ओर भी लौटेंगे। हम हमारे साथ आम सहमति रखने वाले तमाम साथियों के किसी भी तरह के समर्थन तथा सहायता की कदर करते हैं।

आप कैसे मदद कर सकते है?

प्रथम, हम से चर्चा करके। हमें लिखें, पत्र द्वारा अथावा ईमेल से, अथवा हमारे आनलाईन डिस्कशन फोरम [1] में भाग लें। हमारी पब्लिक मीटिंगों तथा संपर्क मीटिंगों में आयें। हमारी पोजीशनों, विश्लेषणों, लिखने के हमारे तरीके, हमारे वेबसाईट के काम करने के तरीके बाबत प्रश्न उठाएँ।  

हमारे वेबसाईट तथा हमारे अखबारों के लिए लिखें – आप चाहें तो उन मीटिंगों की, जिनमे आप हाज़िर थे, रिपोर्ट लिख सकते हैं; अपने कार्यस्थल, क्षेत्र अथवा आपके आस-पडोस की घटनांओं बाबत लिख सकते हैं अथवा अधिक विकसित, सैद्धांतिक लेख लिख सकते हैं।

हम अनेक भाषाओं में लिखते हैं। इन विभिन्न भाषाओं के बीच अनुवाद में हमारी मदद करें: इंगलिश, हिंदी, बंगाली, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, डच, इतालवी, पुर्तगाली, हंगेरियन, स्वीडिश, फिनिश, रूसी, तुर्की, कोरियन, जापानी, चीनी तथा फिलपीनी भाषा में आईसीसी के वेबसाईट हैं। इन सभी भाषाओं में अनुवाद के लिए सदा ही बहुत लेख होते हैं, इनमें हमारे संगठन की मौलिक रचनाएँ भी शामिल होती हैं। अगर आप इन अथवा अन्य भाषाओं में अनुवाद कर सकते है तो हमें बताएँ।  

हमारी जन गतिविधियों में भाग लें : नुक्कड़ों पर प्रकाशनों की बिक्री, हड़ताल, प्रदर्शनों अथवा अक्युपेशन स्थलों पर हमारे प्रकाशन तथा परचे बांटना तथा अपनी बात रखना। राजनीतिक मीटिंगों में हस्तक्षेप में हमारी मदद करें, हमारे साथ ऐसी मीटिंगों में चलें तथा क्रांतिकारी विचारों का पक्ष लें; जिन इंटरनेट डिस्कशन फोरमों में हम नियमित भाग लेते हैं उनमें योगदान दें [2, 3]।

अगर आप अन्य लोगों को जानते हैं जो क्रांतिकारी राजनीति तथा वर्ग संघर्ष संबंधी चर्चा करना चाहते हैं तो डिस्कशन सर्कल, वर्ग संघर्ष समितियें तथा ऐसे ही अन्य ग्रुप स्थापित करें। इनकी स्थापना में आपकी सहायता करके और इनमे शामिल होकर हमे खुशी होगी।

व्यवहारिक स्किलस तथा साधनों से योगदान दें : कम्पयुटर स्किलस, कला, फोटो....।

हमारे अति सीमित वित्तीय साधनों में इजाफे में हमारी मदद करें : नियमित चंदा देकर, हमारे प्रकाशनों के ग्रहक बन कर, अपने जानकारों को बेचने के लिए अथवा स्थानीय बुक़स्टाल पर रखने के लिए अतिरिक्त प्रतियां लेकर।

आईसीसी में शामिल हों 

हम उन साथियों के प्रस्तावों का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं जो सदस्य बन कर सगठन के अपने समर्थन को ऊँचे स्तर पर ले जाना चाहते हैं। 

हर हमदर्द यद्यपि संगठन में शामिल नहीं होगा, हम मानते हैं कि सदस्य बनने के मायने हैं शब्द के भरपूर अर्थ में सर्वहारा वर्ग संघर्ष के इतिहास में हिस्सा लेना। सर्वहारा स्वभाव से ही एक ऐसा वर्ग है जिसकी ताकत सामुहिक संगठन की उसकी क्षमता में निहित है। यह उसके क्रांतिकारी तत्वों के लिए सर्वोपरि सच है जो प्रभावी विचारधारा के भारी बोझ के खिलाफ कम्युनिस्ट परिदृश्य के बचाव खातिर सदैव संगठनों में एकजुट होने का प्रयास करते हैं। आईसीसी का सदस्य बनना साथियों को संगठन के भीतर निरंतर जारी चिंतन तथा चर्चाओं मे सीधे भाग लेने का तथा वर्ग संघर्ष में हमारे हस्तक्षेप मे सर्वाधिक प्रभावशाली योगदान का मौका देता है। संगठन की नीतियों तथा विश्लेषणों की रचना के लिए एक जुझारू की सर्वाधिक माकूल जगह संगठन के भीतर है। और समग्र संगठन के लिए सदस्य ही वे अनमोल संसाधन हैं जिन पर निर्भर करके और जिनके जरिये वह विश्व पैमाने पर अपनी गतिविधियां विकसित कर सकता है।

आईसीसी में शामिल होने से पहले, हर साथी के लिए अनिवार्य है कि वह हमारी बुनियादी राजनीतिक पोजीशनों पर, जो एक आम मार्क्सवादी सुसंगतता से जुडी हुई हैं और हमारे प्लेटफार्म [4] मे निहित हैं, गहन डिस्कशन करे। ताकि जो साथी सदस्य बनें सच्चे विश्वास से बनें और हमारी राजनीतिक पोजीशनों के लिए तर्क दे सकें चूँकि उन्हें उनकी वास्तविक समझदारी है। उतना ही महत्वपूर्ण है हमारे संगठन के अधिनियमों पर चर्चा करना और हमारी कार्यविधि को गाईड करते सिद्धांतों तथा नियमों से सहमत होना : हम स्थानीय, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामुहिक रूप से कैसे संगठित होते हैं, कांग्रेसों तथा केन्द्रीय निकायों की क्या भूमिका है, हम अपनी अंदरूनी बहसें कैसे चलाते हैं, संगठन के जीवन में हिस्सेदारी के लिहाज़ से स्दस्यों से क्या अपेक्षा की जाती है आदि। हमारे अधिनियमों में निहित बुनियादी पहुंच को हमारी  रचना रिपोर्ट आन द स्ट्र्कचर एण्ड फंक्शनिंग आफ द रेवोल्युश्नरी आर्गनाईजेशन [5] में पाया जा सकता है।  

इस अर्थ में हम बोल्शिविक पार्टी की परंपरा में स्थित हैं। उनके लिए एक सदस्य वह था जो न सिर्फ पार्टी कार्यक्रम से सहमत होता था बल्कि संगठन की गतिविधियों के जरिये सक्रिय रूप से उसका बचाव करता था  और इस लिए वह पार्टी के अधिनियमों में सन्निहित कार्यविधि का पालन करने को तैयार रहता था।

यह रातभर में सिरे चढने वाली प्रक्रिया नहीं और इसके लिए समय और सब्र की जरूरत है। वामपंथी, त्रात्स्कीवादी तथा अन्य ग्रुपों के विपरीत, जो बोल्शेविज़्म के वंशज होने का झूठा दावा करते हैं, हम हर कीमत पर सदस्य ‘भरती’ नहीं करना चाहते जो नौकरशाही नेतृत्व के खेलों में मोहरों से अधिक कुछ नहीं हो पाते। एक सच्चा कम्युनिस्ट संगठन तभी फलफूल सकता है अगर उसके सदस्यों को उसकी पोजीशनों तथा विश्लेषणों की गहन समझदारी हो और अगर वे उन्हें लागू करने तथा विकसित करने के सामुहिक प्रयासों मे हिस्सा ले सकें।

क्रांतिकारी राजनीति कोई ‘शौक’ नहीं है। वर्ग संघर्ष की मांगों का सामना करने के लिए इसमें बौद्धिक तथा भावात्मक दोनों तरह की प्रतिबद्धता की जरूरत है। पर न ही यह बाकी मज़दूर वर्ग के जीवन तथा सरोकारों से कटी हुई  ‘भिक्षूतुल्य’ गतिविधि है। हम कोई संप्रदाय नहीं हैं जो अपने सदस्यों के जीवन के हर पहलु को नियमित करने और उन्हें अलोचनात्मक सोच से रहित कट्टरपंथियों में बदलने की कोशिश करता है। न ही हम आशा करते हैं कि हर सदस्य मार्कसवादी सिद्धांत के सभी पहलुओं में ‘एक्सपर्ट’ हो अथवा हमारी कतारों में शामिल होने के लिए उच्चकोटी की लेखन तथा भाषण की कला का धनी हो। हम मानते हैं के विभिन्न साथियों की अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग क्षमताएँ होंगी। हम इस कम्युनिस्ट सिद्धांत के अनुसार काम करते हैं कि हर कोई अपने साधनो के अनुसार योगदान देता है – यह कार्यभार सामुहिकता का है कि वह इन निजी ऊर्जांओं का अत्याधिक प्रभावशाली तरीके से दोहन करे।

क्रांतिकारी संगठन में शामिल होने का फैसला हल्के ढंग से लेने वाला फैसला नहीं। पर आईसीसी में शामिल होने का अर्थ है एक सांझे लक्ष्य, मानवजाति को असल में ही एक भविष्य प्रदत्त करते एकमात्र लक्ष्य, के लिए संघर्षरत्त एक विश्वव्यापी भाईचारे का हिस्सा बनना।   

आईसी, नवंबर 2011

1. आईसीसी का डिस्कशन फोरम

2. रेव लेफ्ट पर वामपंथी कम्युनिस्ट फोरम

3. रेड मार्क्स

4. हिन्दी में हमारा प्लेटफार्म

5. रिपोर्ट आन द स्ट्र्कचर एण्ड फंक्शनिंग आफ द रेवोल्युश्नरी आर्गनाईजेशन