englishfrançaisdeutschitalianosvenskaespañoltürkçenederlandsportuguêsΕλληνικά
русскийहिन्दीفارسی한국어日本語filipino中文বাংলাmagyarsuomi
मुख्य पृष्ठ
इंटरनेशनल कम्युनिस्ट करण्ट
दुनिया के मज़दूरों, एक हों!

मुख्य नेविगेशन

  • संपर्क
  • आईसीसी क्या है?
    • आईसीसी की बुनियादी पोजीशनें
    • आईसीसी का प्‍लेटफार्म
    • आईसीसी की पहली कांग्रेस का घोषणापत्र, 1975
    • आईसीसी की मदद कैसे करें
  • ऑनलाइन प्रकाशन
    • ‘चीनी क्रान्ति’ पर
    • रुसी इंकलाब का पतन

फ्रांस भर के हाई स्कूल और विश्वविद्यालय छात्र आंदोलन के नाम एक अपील

पग चिन्ह

  • मुख्य पृष्ठ
  • कम्युनिस्ट इंटरनेशनलिस्ट – 2020s का दशक
  • Communist Internationalist - 2026
  1. वर्तमान सामाजिक आंदोलन वैश्विक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। ‘जेन ज़ेड’ यह दिखा रही है कि वह उस गरीबी, असुरक्षा और युद्ध से भरे भविष्य को स्वीकार नहीं करती जिसे पूंजीवाद पूरी मानवता के लिए तैयार कर रहा है। फ्रांस का यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बन गया है: बेल्जियम, जर्मनी, इटली, स्पेन, ग्रीस और चिली तक इसके प्रभाव दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही दिनों में पूरे यूरोप से सोशल मीडिया के माध्यम से एकजुटता के संदेश आने लगे हैं, जो उन स्कूली छात्रों के समर्थन में हैं जिन्हें पुलिस राज्य की क्रूर दमनकारी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह दमन इतना कठोर है कि गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने स्वयं इसे “बिना किसी रोक-टोक वाला” बताया है। इन सभी संदेशों में एक ही भावना व्यक्त होती है: “तुम्हारा संघर्ष हमारा संघर्ष है! हर जगह हम एक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं!”
  2. विश्वविद्यालयों में अनेक आम सभाओं ने रेलवे स्टेशनों और अन्य कार्यस्थलों पर पर्चे बाँटने का निर्णय लिया है, ताकि सभी मजदूरों और कर्मचारियों को इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जा सके। जो आंदोलन फैलता नहीं, वह धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है! मई 1968 ने इतिहास इसलिए बनाया क्योंकि छात्रों के बाद मजदूर भी संघर्ष में उतर आए थे। मई ’68 का अर्थ था एक करोड़ हड़ताली मजदूरों का संघर्ष।
  3. इसलिए हमारी हर गतिविधि का उद्देश्य आंदोलन को और व्यापक बनाना होना चाहिए। क्या 13 अक्टूबर को मातिन्यों की ओर मार्च करने और उसे ‘अपने कब्ज़े में लेने’ का आह्वान इस लक्ष्य को आगे बढ़ाता है? नहीं। दमन की सारी ताकतें सरकार के मुख्यालय को घेरने, उसे सुरक्षित रखने और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात कर दी जाएँगी। यह एक जाल है, एक बंद गली है। क्या इससे अधिक प्रभावी नहीं होगा कि हम बड़ी संख्या में मजदूर बस्तियों और श्रमिक इलाकों की ओर मार्च करें? क्या इससे आंदोलन का विस्तार नहीं होगा? क्या इससे हमारी संख्या नहीं बढ़ेगी? क्या इससे अधिक से अधिक लोगों को यह विश्वास नहीं होगा कि यह संघर्ष पूरे मजदूर वर्ग का संघर्ष है? स्कूली छात्र, विश्वविद्यालय छात्र, कर्मचारी, बेरोज़गार और पेंशनभोगी, सभी एक साझा संघर्ष में एकजुट हों! यह संभव है! उन्हें खोजने और अपने संघर्ष से जोड़ने की जिम्मेदारी हमारी है।
  4. इन सभी निर्णयों को लेने और संघर्ष के सबसे प्रभावी तरीकों पर सामूहिक रूप से विचार करने के लिए, हमें अपनी आम सभाओं की रक्षा करनी होगी, जो सभी के लिए खुली हों: छात्र, बेरोज़गार, अस्थायी और असुरक्षित नौकरियों में काम करने वाले लोग, कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारी, तथा सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के मजदूर। ऐसी स्वायत्त, सुव्यवस्थित आम सभाएँ जो मतदान करें और प्रतिनिधियों को स्पष्ट जिम्मेदारियाँ सौंपें। ऐसी आम सभाएँ जो अन्य आम सभाओं के साथ मिलकर काम कर सकें और निकटतम कार्यस्थलों पर बड़े प्रतिनिधिमंडल भेजकर कर्मचारियों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकें। 2006 में, ‘फर्स्ट एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट’ (CPE) के खिलाफ संघर्ष के दौरान, जिसने युवा मजदूरों की असुरक्षा को और बढ़ा दिया था, यही सभाएँ पूरे आंदोलन की धड़कन थीं। और इसी विस्तारशील गतिशीलता ने सरकार को अपना विधेयक वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया था। आज हम इससे भी आगे बढ़ सकते हैं!

भविष्य वर्ग संघर्ष का है!

अंतर्राष्ट्रीय कम्युनिस्ट करंट
10 अक्टूबर 2026

Source: https://en.internationalism.org/content/17860/appeal-high-school-and-university-student-movement-throughout-france

बुक चंक्रमण लिंक के लिए फ्रांस भर के हाई स्कूल और विश्वविद्यालय छात्र आंदोलन के नाम एक अपील

  • ‹ पारिस्थितिक आपदा के लिए पूँजीवाद ज़िम्मेदार है!
  • ऊपर
  • मध्य पूर्व में साम्राज्यवादी युद्ध: पूँजीवाद ही युद्ध है, पूँजीवाद के खिलाफ युद्ध ! ›
मुख्य पृष्ठ
इंटरनेशनल कम्युनिस्ट करण्ट
दुनिया के मज़दूरों, एक हों!

फुटर मेनू

  • आईसीसी की बुनियादी पोजीशनें
  • संपर्क